बांदा जिले में किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। लंबे समय से चल रही इस प्रक्रिया के बावजूद अब तक सभी किसानों की रजिस्ट्री पूरी नहीं हो पाई है। जिले में कुल 2,51,390 किसानों में से करीब 75 प्रतिशत यानी 1,88,708 किसानों की रजिस्ट्री हो चुकी है, जबकि 62,682 किसान अभी भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं। इससे इन किसानों के सामने सरकारी योजनाओं का लाभ बंद होने का खतरा खड़ा हो गया है।
मार्च तक रजिस्ट्री नहीं हुई तो रुकेगा लाभ
सरकार ने स्पष्ट किया है कि फार्मर रजिस्ट्री करवाना अनिवार्य है। यदि मार्च तक बाकी किसानों की रजिस्ट्री पूरी नहीं होती है, तो अप्रैल से उन्हें किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। खासतौर पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी महत्वपूर्ण योजना भी बंद की जा सकती है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ सकता है।
तकनीकी और दस्तावेजी समस्याएं बनी बाधा
फार्मर रजिस्ट्री में देरी का मुख्य कारण तकनीकी और दस्तावेजों से जुड़ी समस्याएं हैं। कई किसानों के आधार कार्ड और खतौनी में नाम अलग-अलग होने से रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। इसके अलावा कई गांवों का भूलेख ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है, जिससे प्रक्रिया और धीमी हो गई है। इन समस्याओं के कारण किसान लगातार परेशान हो रहे हैं।
लंबे समय से चल रही प्रक्रिया फिर भी अधूरी
फार्मर रजिस्ट्री का काम पिछले साल जुलाई से शुरू हुआ था और बाद में शिविर लगाकर तथा घर-घर जाकर भी इसे पूरा करने की कोशिश की गई। इसके बावजूद डेढ़ साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी काम पूरा नहीं हो सका है। इससे साफ है कि प्रक्रिया में कहीं न कहीं सुधार की जरूरत है।
सरकारी योजनाओं से जुड़ी है रजिस्ट्री
फार्मर रजिस्ट्री का मुख्य उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से पहुंचाना है। इसके जरिए किसानों का पूरा डेटा तैयार किया जाता है ताकि पारदर्शिता बनी रहे और जमीन से जुड़े विवादों को भी कम किया जा सके। लेकिन जिन किसानों की रजिस्ट्री नहीं हुई है, वे इन सुविधाओं से वंचित रह सकते हैं।
निष्कर्ष
बांदा जिले में फार्मर रजिस्ट्री की धीमी गति हजारों किसानों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। अगर जल्द ही इस प्रक्रिया को पूरा नहीं किया गया, तो कई किसानों को सरकारी सहायता से हाथ धोना पड़ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन और किसान दोनों मिलकर इस काम को जल्द पूरा करें।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। योजना और नियमों से जुड़ी सटीक जानकारी के लिए संबंधित सरकारी विभाग या आधिकारिक स्रोत से पुष्टि अवश्य करें।









