आज के समय में हर घर का रसोई बजट एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों पर काफी हद तक निर्भर करता है। मार्च 2026 में गैस की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने आम लोगों, खासकर मध्यम वर्गीय परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में ₹60 की वृद्धि की गई है, जो लगभग एक साल बाद हुआ बदलाव है। इसका असर सीधे परिवारों के मासिक खर्च पर पड़ रहा है।
प्रमुख शहरों में नई एलपीजी कीमतें
नई दरों के अनुसार देश के अलग-अलग शहरों में गैस सिलेंडर की कीमतें अलग-अलग हैं। दिल्ली में 14.2 किलो का घरेलू सिलेंडर ₹913 हो गया है, जबकि मुंबई में इसकी कीमत ₹912.50 है। कोलकाता में यह ₹939 और चेन्नई में ₹928.50 तक पहुंच गया है। इसके अलावा बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में भी कीमतें बढ़ी हैं। लखनऊ और पटना जैसे शहरों में यह दर और अधिक देखने को मिल रही है। इन कीमतों में अंतर का मुख्य कारण स्थानीय टैक्स और परिवहन लागत है।
कीमत बढ़ने के पीछे मुख्य कारण
एलपीजी के दाम बढ़ने के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण प्रमुख हैं। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे कीमतों पर असर पड़ा है। इसके साथ ही सऊदी अरब द्वारा तय की जाने वाली गैस की कीमतों में भी वृद्धि हुई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार में बदलाव का असर देश में सीधे दिखाई देता है।
घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर का अंतर
घरेलू सिलेंडर का उपयोग घरों में खाना बनाने के लिए किया जाता है और इस पर सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाती है। वहीं कमर्शियल सिलेंडर का उपयोग होटल और व्यवसायों में होता है, जिस पर कोई सब्सिडी नहीं मिलती। इसी कारण कमर्शियल सिलेंडर की कीमत घरेलू सिलेंडर से ज्यादा होती है और इसका असर व्यवसायों की लागत पर भी पड़ता है।
सब्सिडी और सरकारी सहायता
सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों को उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी प्रदान करती है। इस योजना के तहत प्रति सिलेंडर लगभग ₹300 तक की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। इसके लिए आधार, बैंक खाता और गैस कनेक्शन का लिंक होना जरूरी है। इससे लाभार्थियों को बढ़ती कीमतों के बावजूद कुछ राहत मिलती है।
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सुझाव
बढ़ती कीमतों के बीच उपभोक्ताओं को अपने खर्चों की सही योजना बनानी चाहिए। समय पर गैस बुक करना और आधिकारिक ऐप्स के माध्यम से कीमतों की जानकारी लेना फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा, वैकल्पिक साधनों जैसे इंडक्शन या पीएनजी का उपयोग करके खर्च को कम किया जा सकता है।
निष्कर्ष
एलपीजी गैस की कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी आम लोगों के बजट को प्रभावित कर रही है, लेकिन सही योजना और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर इस असर को कम किया जा सकता है। उपभोक्ताओं को हमेशा अपडेट रहना चाहिए और अपने खर्चों को संतुलित रखने की कोशिश करनी चाहिए।
Disclaimer
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। एलपीजी गैस की कीमतें समय-समय पर बदलती रहती हैं और अलग-अलग शहरों में भिन्न हो सकती हैं। सटीक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी गैस एजेंसी से संपर्क करना आवश्यक है।









